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दूसरा ओरिएंटेशन प्रोग्राम

जुलाई २7-28, 2019

क्या आप पहले ओरिएंटेशन प्रोग्राम में जुड़ नहीं पाये ? क्या आप यह जानने में उत्सुक हैं कि हमारा तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य सेक्टर के आकार पर क्या प्रस्ताव है ? एक और अवसर है। अब उम्र प्रतिबंध को गिरा दिया गया है और नए विशेषज्ञताएं जोड़ी गईं हैं!

प्रवेश प्रक्रिया

  1. नीचे दिए गए फॉर्म को भरें
  2. चयनित प्रतिभागियों को ओरिएंटेशन और एकल संवाद में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। सेहतवन भोपाल में – 27 से 28 जुलाई 2019
  3. अंतिम चयन प्रक्रिया का परिणाम – अगस्त 1 तक
Click here to download prospectus
नमस्ते!

सेहतवन में 200 से अधिक लोग अपने स्वास्थ्य पर काम कर चुके हैं, बीमारियों को तिरोहित कर चुके हैं, अपनी जैविक आयु का पुनर्नवन कर चुके हैं - ‘फॉरेस्ट थेरेपी’ के माध्यम से सेहतमंद जीवनशैली के प्रति सही दृष्टिकोण और आदतों का निर्माण करते हुये। अधिकतर लोगों ने अपना लक्ष्य 10 से 15 दिनों में ही प्राप्त कर लिया और कुछ लोग गहरी समझ बनाने के लिए, और सेहत को और भी अधिक मजबूत बनाने के लिए, ज्यादा दिन के लिए भी रुके।

क्योंकि आजकल अधिक उम्र में होने वाली बीमारियाँ - डाईबीटीज़, बीपी, हार्ट अटैक, कैंसर, अनिद्रा आदि कम उम्र में ही लोगों को होने लगी हैं, इनसे बचाव के लिए इस थेरेपी का उपयोग युवाओं को भी आकर्षित करता है।

बढ़ती रुचि के साथ ही सेहत और जागरूकता की ज़रूरत हमें प्रोत्साहित करती है कि हम सेहतवन की स्वास्थ्य और पोषण फ़ेलोशिप को शुरू करें। यह फ़ेलोशिप उन लोगों के लिए है जो तन, मन और प्रकृति के सहज संबंध को साधना चाहते हैं।

अगर आप तेज़ी से बढ़ते स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ना चाहते हैं, दवाइयों से मुक्त लंबा और स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो आपको इसमें जुड़ना चाहिए। अगर आप स्वास्थ्य या पोषण के क्षेत्र में पहले से ही काम कर रहे हैं, स्वयं पर आगे काम करना चाहते हैं, या अपनी समझ को अधिक गहरा ले जाना चाहते तो सेहतवन आपके स्वास्थ्य और कॅरियर की प्रगति के लिए उपयुक्त है।

यह प्रोग्राम पेशेवर और गैर-पेशेवर दोनों तरह के लोगों के लिए है और इसमे किसी भी क्षेत्र से लोग जुड़ सकते हैं। आदर्श होगा कि प्रतिभागी की जैविक उम्र (बायोलोजिकल एज) 18 से 30 वर्षों के बीच हो, हालांकि इस आयु से कम-ज्यादा के गहरी रुचि वाले समर्पित लोगो को भी स्थान दिया जा सकता है।

सेहतमंद कम्यूनिटी जीवन के लाभ के साथ ही आपको फ़ेलोशिप के हर चरण की सफल समाप्ति पर सहभागिता का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। आप रुचि और उपलब्धता के आधार पर फ़ेलोशिप में आंशिक रूप से भी भाग ले सकते हैं।

फैलोशिप तीन पहलुओं पर केंद्रित है और इसमें व्यक्तिगत हितों को समायोजित करने की काफी गुंजाइश रखी गई है:
  1. स्वास्थ्य : हम अपने स्वयं के स्वास्थ्य से शुरू करेंगे - अलगाव में नहीं बल्कि संयोजन में। हम अपने शरीर, अपने मन और अपने पर्यावरण से जुड़ेंगे। इसमें सेहतवन का प्राकृतिक प्रवास हमारी मदद करेगा।
  2. संसार : अपने स्वास्थ्य पर काम करना जारी रखते हुए हम स्वास्थ्य और पोषण पर अधिक गहराई से समझ बनाने के लिए अगले तीन महीनों में लोगों के साथ काम करेंगे। सेहतवन अपने आने वाले स्वास्थ्य साधकों के माध्यम से ओब्ज़र्वेशन और सीखने के लिए एक सार्थक वातावरण प्रदान करता है। यहाँ ऐसी कुछ बेहद प्रभावी पर सरल तकनीकें को सीखा जा सकता है जो किसी के भी स्वास्थ्य को पुर्नस्थापित कर सकती हैं।
  3. स्वधर्म : यह चरण स्वास्थ्य के क्षेत्र में किसी चुनौती पर गहराई से कार्य करने के लिए है। उदाहरण के लिए भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य, बाल पोषण, बायोलोजिकल एज को धीमा/रिवर्स करने, या किसी भी अन्य क्षेत्र में जो आपको प्रेरित करता है। हम हमेशा एक साथ काम करने और व्यक्तिगत दृष्टि के करीब एक प्रोटोटाइप बनाने की कल्पना करते हैं।
यद्यपि यह फ़ेलोशिप 9-माह की है पर आप अपना प्रतिबद्धता को त्रि-माही रूप से बढ़ा सकते है। हालांकि जो लोग 9-माह के लिए जुडते हैं उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

प्राकृतिक जीवन, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और साधकों का साथ, और प्रमुख रूप से ‘फॉरेस्ट थेरेपी’ जिसे कम्यूनिटी, नेचर और ऑटोफैजी (CNA) के सिद्धांतों पर विकसित किया गया है; यह सभी सेहतवन में शिक्षा एवं शोध के प्रमुख स्तंभों के रूप में कार्य करते हैं। यह फेलोशिप कार्यक्रम डॉ. विपिन गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है, जो व्यक्तिगत रूप से और साथ ही समूह वार्तालाप के माध्यम से प्रत्येक प्रतिभागी के साथ समय व्यतीत करेंगे।

कोई परीक्षा नहीं होगी, हालांकि सभी प्रतिभागियों को पूरे समूह की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए समर्पित अभ्यास बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को विभिन्न ऑनलाइन संसाधनों जैसे स्टैनफोर्ड के ‘खाद्य और स्वास्थ्य परिचय’ येल के ‘बॉडी-के महत्वपूर्ण संकेत क्या बता रहे हैं’, एडिनबर्ग की ‘अंडरस्टैंडिंग ओबेसिटी’, कोपेनहेगन की ‘डायबिटीज – एक वैश्विक चुनौती’ आदि के माध्यम से अपने अध्ययन को गहन करने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य और पोषण के अलावा प्रतिभागियों को कला, संगीत, नृत्य, मनोविज्ञान और अन्य मानविकियों में एक तिहाई अध्ययन समय आवंटित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

हम सभी को अपने सामुदायिक स्थान में काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जो हमने स्वास्थ्य लाभों को और बेहतर बनाने के लिए बनाया है। कार्यक्रम का वित्तीय योगदान INR 60,000 प्रति तिमाही है और आपको साझा जिम्मेदारियों के लिए दिन में कम से कम 2 घंटे देना आवश्यक होगा। आप अतिरिक्त कार्य लेकर अपनी प्रति तिमाही लागत को INR 15,000 तक कम कर सकते हैं जो आगे आपके अभ्यास और अध्ययन को मजबूत ही बनाएगा। कार्य के विकल्पों में मीडिया लैब, इको-कंस्ट्रक्शन, ऑर्गेनिक फार्मिंग, होस्टिंग और फैसिलिटेशन शामिल हैं।

इस राशि में प्रत्येक तिमाही के लिए प्रोग्राम और रहने-खाने की लागत शामिल है।

  • Child Nutrition
  • Slimming & Body Shaping
  • Women’s Health
  • Biological Age Reversal & Longevity
  • Mental & Emotional Health
  • Cancer Prevention
  • Inherited Diseases
  • Cardiovascular Health
  • Diabetes Reversal
  • Terminal Care

पहले समूह में 6 प्रतिभागी होंगे। फैलोशिप 10 अगस्त, 2019 से शुरू होगी है और अप्रेल, 2020 में समाप्त होती है। आवेदन खुले हैं और उन्हें लगातार प्रोसेस किया जाएगा। जल्दी आवेदन करने से आपके चयनित होने की संभावना अधिक है।

ड्रग-डिस्कवरी साइंटिस्ट, उन्होंने भारत, यूरोप और अमेरिका में विभिन्न फार्मा कंपनियों के लिए नई दवाइयाँ विकसित करने में दो दशकों से अधिक समय बिताया। 2011 में उन्हें दक्षिण एशिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नोबेल संग्रहालय, स्टॉकहोम में द रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा आमंत्रित किया गया था। उन्होंने 2010 में एक शोध प्रकाशन कंपनी ‘इंवेन्टी’और 2016 में ‘सेहतवन’ की सह-स्थापना की। इनका वर्तमान शोध इस बात पर केंद्रित है कि कैसे शरीर की ऑटो-रिपेयर क्षमता जीवनशैली बीमारियों में दवाओं के उपयोग को बेमानी बना सकती है।

Dr Vipin Gupta is co-founder and managing editor of research publishing company Inventi Journals (P) Ltd. Between 1991 and 2014 he severed pharmaceutical academics and industry in India, Europe and America mostly inventing new medicinal products for various companies/ institutions including Himalaya, Banner Pharmacaps and Auburn University. During this tenure he established a Center of Relevance and Excellence under Ministry of Science & Technology (GoI); filed 20 patents and published/ presented over hundred research papers; and 6 doctoral scholars were awarded PhD degrees under his guidance. In 2011 he served as a resource for the Royal Swedish Academy of Sciences on building academia-industry partnership framework for ICSU (United Nations).

He is still engaged in health research/ academics, rather more aggressively, although with a different outlook. Through his co-founded healing space Sehatvan he is researching body’s self-repair mechanisms with respect to reversing diseases and aging process, and thereby, resetting the body in healthier states/ times. He does believe that over 90% of the current usage of medicines and surgery could be made redundant by fine-tuning body’s self-repair functionality. More about his current work could be found at www.inventi.in and www.sehatvan.in

हम अतिथि विशेषज्ञों के संपर्क में हैं और पुष्टि होने के बाद उनकी उपलब्धता की घोषणा करेंगे। सेहतवन में प्रशासनिक सेवाओं, कला, पर्यावरण, शिक्षा के क्षेत्र से लोग जुडते रहते हैं। वे भी सीखने की प्रक्रिया में सहायक होंगे।

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