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प्रत्येक प्राणी में सेल्फ-रिपेयर की क्षमता होती है, गड़बड़ लाइफ़स्टाइल इसे कमजोर कर देती है। इससे हमारी सेहत-आयु कम हो जाती है। सेहत-आयु जिंदगी का रोग-मुक्त हिस्सा है। सेहतवन आश्रम को जिंदगी में मजबूती और जोश लाने के लिए तैयार किया गया है।
फॉरेस्ट थेरेपी क्या है?
यह तनाव-मुक्तता, विष-मुक्तता और पुनर्नवन पर आधारित एक प्रणाली है जिससे शरीर का सेल्फ-रिपेयर सिस्टम रीबूट हो जाता है और बीमारियाँ तिरोहित होने लगती हैं।
इसे कौन कर सकता है?
इसे स्वस्थ और बीमार दोनों तरह के लोग कर सकते हैं। इससे स्वस्थ लोगों का हैल्थ-स्पान बढ़ता है और बीमार लोग स्वस्थ होने लगते हैं।
इसे कौन नहीं कर सकता है?
वे लोग जो जिन्हें सतत मेडिकल निगरानी की जरूरत है, जो चल-फिर नहीं सकते हैं, और वे जिन्हें अपने काम खुद करना पसंद नहीं है।
किन बीमारियों में लोगों ने लाभ लिया है?
डाईबीटीज़, हार्ट-इशू, बीपी, थाईराइड, ओबेसिटी(वेट लॉस), तनाव, कैंसर (अर्ली स्टेज एवं प्रेवेंशन), PCOD, एसिडिटि, अर्थराइटिस, कमर दर्द और अन्य लाइफस्टाइल एवं ऑटो-इम्यून बीमारियाँ।
इसमें करते क्या हैं? कितना समय लगता है?
यह स्वास्थ्य विज्ञानी डा. विपिन गुप्ता द्वारा आविष्कारित CNA (कम्यूनिटी-लिविंग, नेचर, ऑटोफैजी) प्रणाली है जिसे सेहतवन में रहकर किया जाता है, यह अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग हो सकती है। हाफ-कोर्स की अवधि: 7 दिन की होती है और फुल-कोर्स में 2 से 4 सप्ताह लगते हैं।
डॉ विपिन गुप्ता के बारे में:

दृग डिस्कवरी वैज्ञानिक के रूप में दो दशकों के दौरान भारत, यूरोप, अमेरिका की विभिन्न फार्मा कंपनियों के लिए नई दवाइयों को विकसित करने का काम किया। 2011 में आपको रॉयल स्वीडिश अकादेमी ऑफ साइंसेस ने नोबेल म्यूज़ियम, स्टॉकहोम में दक्षिण पूर्वी एशिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया। आपने 2010 एक रिसर्च पब्लिशिंग कंपनी – ‘Inventi’ और 2016 में एक सेल्फ हीलिंग स्पेस ‘सेहतवन’ का सह-संस्थापन किया।

‘सहज सेहत’ श्रंखला इस सोच को प्रस्तुत करती है कि कैसे शरीर की ऑटो-रिपेयर क्षमताओं से लाइफ़स्टाइल बीमारियों को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।

अपना फॉरेस्ट थेरेपी मॉड्यूल चुनें: (दो बार क्लिक करें)

Diabetes, Thyroidism & Obesity

अवधि:
A) सेहतवन प्रोटोकॉल: 10 से 20 दिन
+
B) होम प्रोटोकॉल: 3 से 4 हफ्ते (1 या 2 फॉलो-अप विजिट/कॉल)

वित्तीय योगदान:
भारतीय प्रतिभागी: Rs 20,000
International Participants: USD 350

Cardiovascular Health:

अवधि:
A) सेहतवन प्रोटोकॉल: 10 से 20 दिन
+
B) होम प्रोटोकॉल: 3 से 4 हफ्ते (1 या 2 फॉलो-अप विजिट/कॉल)

वित्तीय योगदान:
भारतीय प्रतिभागी: Rs 20,000
International Participants: USD 350

Autoimmune & Emotional Health

अवधि:
A) सेहतवन प्रोटोकॉल: 15 से 20 दिन
+
B) होम प्रोटोकॉल: 3 से 4 हफ्ते (1 या 2 फॉलो-अप विजिट/कॉल)

वित्तीय योगदान:
भारतीय प्रतिभागी: Rs 20,000
International Participants: USD 350

PCOD & Women’s Health

अवधि:
A) सेहतवन प्रोटोकॉल: 10 से 20 दिन
+
B) होम प्रोटोकॉल: 3 से 4 हफ्ते (1 या 2 फॉलो-अप विजिट/कॉल)

वित्तीय योगदान:
भारतीय प्रतिभागी: Rs 20,000
International Participants: USD 350

Teenage Health

अवधि:
A) सेहतवन प्रोटोकॉल: 7 से 10 दिन
+
B) होम प्रोटोकॉल: 4 से 8 हफ्ते (1 या 2 फॉलो-अप विजिट/कॉल)

वित्तीय योगदान:
भारतीय प्रतिभागी: Rs 15,000
International Participants: USD 350

Vitamin D and B12 Boosting

अवधि:
7 से 15 दिन

वित्तीय योगदान:
भारतीय प्रतिभागी: Rs 15,000
International Participants: USD 350

Digital Detox and Screen De-addiction

अवधि:
A) सेहतवन प्रोटोकॉल: 7 से 10 दिन
+
B) होम प्रोटोकॉल: 3 से 4 हफ्ते (1 या 2 फॉलो-अप विजिट/कॉल)

वित्तीय योगदान:
भारतीय प्रतिभागी: Rs 15,000
International Participants: USD 350

Multiple Issues

अवधि:
A) सेहतवन प्रोटोकॉल: 2 से 4 हफ्ते
+
B) होम प्रोटोकॉल: 4 से 8 हफ्ते (1 या 2 फॉलो-अप विजिट/कॉल)

वित्तीय योगदान:
भारतीय प्रतिभागी: Rs 30,000
International Participants: USD 500

Mental Strength and Physical Stamina Building

अवधि:
A) सेहतवन प्रोटोकॉल: 2 से 4 हफ्ते
+
B) होम प्रोटोकॉल: 4 से 8 हफ्ते (1 या 2 फॉलो-अप विजिट/कॉल)

वित्तीय योगदान:
भारतीय प्रतिभागी: Rs 30,000
International Participants: USD 500

Longevity & Happiness

अवधि:
A) सेहतवन प्रोटोकॉल: 4 से 6 हफ्ते
+
B) होम प्रोटोकॉल: 8 से 10 हफ्ते (2 या 3 फॉलो-अप विजिट/कॉल)

वित्तीय योगदान:
भारतीय प्रतिभागी: Rs 40,000
International Participants: USD 750

सेहत के विज्ञान को समझें

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